जिस मुहाने से रोज़ तकते हो ,

8 Pins27 Followers
जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं ।

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं ।

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

जिस मुहाने से रोज़ तकते हो , गोया चाहे किरिया करवा लो उसके मार्फ़त तबाही की कोई लहर ही नहीं । तेरा हर लम्स अब भी धड़कता है मेरे सीने में ,

Pinterest
Search