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पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन से दूर-दूर तक हरियाली युक्त नजारा देखकर बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि बेहद आनन्दित हुए. मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें यहाँ के कामकाज के बारे में बताया. प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक एवं सचिव ब्लाक में चल रहे कार्य और व्यवस्था देखी. जिम में आधुनिक यंत्रों पर व्यायाम करते हुए वे प्रसन्न दिखे. लायब्रेरी में पुस्तकों का संग्रहालय और अख़बार देखे-पढ़े.

नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन से दूर-दूर तक हरियाली युक्त नजारा देखकर बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधि बेहद आनन्दित हुए. मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें यहाँ के कामकाज के बारे में बताया. प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक एवं सचिव ब्लाक में चल रहे कार्य और व्यवस्था देखी. जिम में आधुनिक यंत्रों पर व्यायाम करते हुए वे प्रसन्न दिखे. लायब्रेरी में पुस्तकों का संग्रहालय और अख़बार देखे-पढ़े.

पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

हमर छत्तीसगढ़ योजना अध्ययन यात्रा के दौरान भ्रमण पर निकले बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने करीब से हवाई जहाज गुजरते देखा. तेज आवाज के साथ आसमान की ओर उड़ान भरते हवाई जहाज को इतने करीब से देख प्रतिनिधि रोमांचित हो गए. स्वामी विवेकानन्द हवाई अड्डे के पास से गुजरते वक्त बस को कुछ देर सड़क किनारे रोककर प्रतिनिधियों ने यह नजारा देखा.

हमर छत्तीसगढ़ योजना अध्ययन यात्रा के दौरान भ्रमण पर निकले बस्तर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने करीब से हवाई जहाज गुजरते देखा. तेज आवाज के साथ आसमान की ओर उड़ान भरते हवाई जहाज को इतने करीब से देख प्रतिनिधि रोमांचित हो गए. स्वामी विवेकानन्द हवाई अड्डे के पास से गुजरते वक्त बस को कुछ देर सड़क किनारे रोककर प्रतिनिधियों ने यह नजारा देखा.

बस्तर, कांकेर, कोंडागांव एवं नारायणपुर जिले के पंच-सरपंचों ने पुरखौती मुक्तांगन में लाईट एंड साउंड शो का आनन्द लिया. जिसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति से ओत-प्रोत गीतों ने उन्हें बेहद लुभाया. कलाकारों ने नाट्य मंचन एवं आकर्षक नृत्य पेश कर माहौल में रंग भर दिया. देर रात तक कार्यक्रम चला.

बस्तर, कांकेर, कोंडागांव एवं नारायणपुर जिले के पंच-सरपंचों ने पुरखौती मुक्तांगन में लाईट एंड साउंड शो का आनन्द लिया. जिसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति से ओत-प्रोत गीतों ने उन्हें बेहद लुभाया. कलाकारों ने नाट्य मंचन एवं आकर्षक नृत्य पेश कर माहौल में रंग भर दिया. देर रात तक कार्यक्रम चला.

छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर में कोंडागांव एवं नारायणपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश के संसाधनों के बारे में जाना. बस्तर की कला-शिल्प, जीवनशैली, पारम्परिक आभूषण, वाद्य यंत्र देखे. यहाँ वन्य प्राणियों की बोली फोन के रिसीवर पर सुनकर उन्होंने आनन्द लिया. साइंस सेंटर में विज्ञान के विविध प्रयोगों का अवलोकन किया.

छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर में कोंडागांव एवं नारायणपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश के संसाधनों के बारे में जाना. बस्तर की कला-शिल्प, जीवनशैली, पारम्परिक आभूषण, वाद्य यंत्र देखे. यहाँ वन्य प्राणियों की बोली फोन के रिसीवर पर सुनकर उन्होंने आनन्द लिया. साइंस सेंटर में विज्ञान के विविध प्रयोगों का अवलोकन किया.

विधानसभा ... कोंडागांव एवं नारायणपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा का भ्रमण किया. इस दौरान उन्हें प्रेक्षा गृह में संसदीय कार्यों, छत्तीसगढ़ विधानसभा की संरचना एवं सत्रों के संबंध में जानकारी दी गई. प्रतिनिधियों को सदन के भीतर ले जाया गया, जहाँ उन्हें विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री समेत पक्ष-विपक्ष के विधायकों की बैठक व्यवस्था के बारे में बताया गया. विधानसभा का भ्रमण कर प्रतिनिधि बेहद आनन्दित हुए.

विधानसभा ... कोंडागांव एवं नारायणपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा का भ्रमण किया. इस दौरान उन्हें प्रेक्षा गृह में संसदीय कार्यों, छत्तीसगढ़ विधानसभा की संरचना एवं सत्रों के संबंध में जानकारी दी गई. प्रतिनिधियों को सदन के भीतर ले जाया गया, जहाँ उन्हें विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री समेत पक्ष-विपक्ष के विधायकों की बैठक व्यवस्था के बारे में बताया गया. विधानसभा का भ्रमण कर प्रतिनिधि बेहद आनन्दित हुए.

पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में बस्तर का जीवंत चित्रण किया गया है. जहाँ आमचो गाँव एकदम जनजातीय शैली को रेखांकित करता है, वहीं आदिवासियों की परम्परा, रहन सहन, प्रथाएँ देखना सुखद लगता है. कांकेर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने यहाँ का भ्रमण कर प्रदेश की लोक संस्कृति को करीब से देखा. लोक नृत्य करती प्रतिमाओं ने उन्हें लुभाया.

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