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पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

धमतरी, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले से आए पंच-सरपंचों ने हमर छत्तीसगढ़ आवासीय परिसर उपरवारा में लोक कलाकार श्रीमती शांती बाई चेलक की पंडवानी का आनंद लिया। उन्होंने आदि पर्व में कथा प्रसंग, अम्बा-भीष्म संवाद बहुत ही रोचक ढंग से पेश किया गया। पंडवानी में महिला सशक्तिकरण को अंबा कथा के माध्यम से बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत की। पंडवानी में भीष्म और परशुराम के बीच सात दिन और सात रात की लड़ाई का प्रसंग भी पेश किया। कलाकारों ने कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ और हरियर छत्तीसगढ़ का संदेश दिया।

धमतरी, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले से आए पंच-सरपंचों ने हमर छत्तीसगढ़ आवासीय परिसर उपरवारा में लोक कलाकार श्रीमती शांती बाई चेलक की पंडवानी का आनंद लिया। उन्होंने आदि पर्व में कथा प्रसंग, अम्बा-भीष्म संवाद बहुत ही रोचक ढंग से पेश किया गया। पंडवानी में महिला सशक्तिकरण को अंबा कथा के माध्यम से बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत की। पंडवानी में भीष्म और परशुराम के बीच सात दिन और सात रात की लड़ाई का प्रसंग भी पेश किया। कलाकारों ने कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ और हरियर छत्तीसगढ़ का संदेश दिया।

पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने गाँव से लाया पावन जल बाटनीकल गार्डन के कुंड में प्रवाहित किया. हमर छत्तीसगढ़ अध्ययन यात्रा पर प्रतिनिधि अपने साथ जल लेकर आए हैं. ताम्बे के पात्र में लाया जल प्रवाहित करते प्रतिनिधि बेहद आनन्दित नजर आए.

राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने गाँव से लाया पावन जल बाटनीकल गार्डन के कुंड में प्रवाहित किया. हमर छत्तीसगढ़ अध्ययन यात्रा पर प्रतिनिधि अपने साथ जल लेकर आए हैं. ताम्बे के पात्र में लाया जल प्रवाहित करते प्रतिनिधि बेहद आनन्दित नजर आए.

पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

धमतरी जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने महानदी भवन स्थित मंत्रालय का भ्रमण किया. यहाँ उन्होंने प्रशासनिक एवं सचिव ब्लाक देखा. मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें यहाँ के कामकाज एवं संरचना की जानकारी दी. अधिकारियों एवं मंत्रियों के कक्ष देखने के बाद प्रतिनिधि आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित जिम का अवलोकन किया. यहाँ उन्होंने ट्रेड मिल पर व्यायाम किया एवं साइकिलिंग भी की. मंत्रालय का भव्य स्वरूप एवं व्यवस्थाएं देख प्रतिनिधि बेहद हर्षित हुए.

धमतरी जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने महानदी भवन स्थित मंत्रालय का भ्रमण किया. यहाँ उन्होंने प्रशासनिक एवं सचिव ब्लाक देखा. मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें यहाँ के कामकाज एवं संरचना की जानकारी दी. अधिकारियों एवं मंत्रियों के कक्ष देखने के बाद प्रतिनिधि आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित जिम का अवलोकन किया. यहाँ उन्होंने ट्रेड मिल पर व्यायाम किया एवं साइकिलिंग भी की. मंत्रालय का भव्य स्वरूप एवं व्यवस्थाएं देख प्रतिनिधि बेहद हर्षित हुए.

पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

पुरखौती मुक्तांगन में कबीरधाम, धमतरी एवं राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में प्रस्तुत प्रसंग देखे. लाईट एंड साउंड शो का मंचन करते हुए कलाकारों ने शिव तांडव, राम का वन गमन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, विकास कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी. देर शाम को अँधेरे में शुरू किया गया शो आकर्षक मंच सज्जा और अलग-अलग मंचों से प्रस्तुतिकरण ने प्रतिनिधियों को बेहद लुभाया.

इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में कबीरधाम जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने आधुनिक यंत्रों का अवलोकन किया. यहाँ उन्होंने धान की प्रदर्शनी में हजारों किस्में देखी. पंचगव्य के उपयोग से खेती में होने वाले लाभ के बारे में कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने जानकारी दी. गन्ना काटने की मशीन, धनकुट्टी के उपकरण आदि के सम्बन्ध में प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई.

इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में कबीरधाम जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने आधुनिक यंत्रों का अवलोकन किया. यहाँ उन्होंने धान की प्रदर्शनी में हजारों किस्में देखी. पंचगव्य के उपयोग से खेती में होने वाले लाभ के बारे में कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने जानकारी दी. गन्ना काटने की मशीन, धनकुट्टी के उपकरण आदि के सम्बन्ध में प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई.

धमतरी जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण किया. यहाँ उन्होंने खेती-किसानी से सम्बन्धित उपकरण देखे. दलहन की विविध किस्में, मटर, मूंग, अरहर, चना आदि के बारे में अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी. उन्नत तकनीक से सब्जियों का उत्पादन करने के सम्बन्ध में प्रतिनिधियों को बताया गया. कृषि सम्बन्धित जानकारी मिलने से प्रतिनिधियों का खेती-किसानी के प्रति ज्ञानवर्धन हुआ. प्रतिनिधियों ने उन्नत तकनीक अपनाने की बात कही.

धमतरी जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण किया. यहाँ उन्होंने खेती-किसानी से सम्बन्धित उपकरण देखे. दलहन की विविध किस्में, मटर, मूंग, अरहर, चना आदि के बारे में अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी. उन्नत तकनीक से सब्जियों का उत्पादन करने के सम्बन्ध में प्रतिनिधियों को बताया गया. कृषि सम्बन्धित जानकारी मिलने से प्रतिनिधियों का खेती-किसानी के प्रति ज्ञानवर्धन हुआ. प्रतिनिधियों ने उन्नत तकनीक अपनाने की बात कही.

धमतरी, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले से आए पंच-सरपंचों ने हमर छत्तीसगढ़ आवासीय परिसर उपरवारा में लोक कलाकार श्रीमती शांती बाई चेलक की पंडवानी का आनंद लिया। उन्होंने आदि पर्व में कथा प्रसंग, अम्बा-भीष्म संवाद बहुत ही रोचक ढंग से पेश किया गया। पंडवानी में महिला सशक्तिकरण को अंबा कथा के माध्यम से बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत की। पंडवानी में भीष्म और परशुराम के बीच सात दिन और सात रात की लड़ाई का प्रसंग भी पेश किया। कलाकारों ने कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ और हरियर छत्तीसगढ़ का संदेश दिया।

धमतरी, राजनांदगांव और कबीरधाम जिले से आए पंच-सरपंचों ने हमर छत्तीसगढ़ आवासीय परिसर उपरवारा में लोक कलाकार श्रीमती शांती बाई चेलक की पंडवानी का आनंद लिया। उन्होंने आदि पर्व में कथा प्रसंग, अम्बा-भीष्म संवाद बहुत ही रोचक ढंग से पेश किया गया। पंडवानी में महिला सशक्तिकरण को अंबा कथा के माध्यम से बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत की। पंडवानी में भीष्म और परशुराम के बीच सात दिन और सात रात की लड़ाई का प्रसंग भी पेश किया। कलाकारों ने कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ और हरियर छत्तीसगढ़ का संदेश दिया।

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