Er Munendra Kaurav

Er Munendra Kaurav

यारो किसी माहौल में ढलता नहीं हूँ मैं !ठोकर लगे तो राह बदलता नहीं हूँ मैं ! रख दूँ जहाँ कदम नए रास्ते बनें !खीचीं हुई लकीरों पर चलता नहीं मैं......
Er Munendra Kaurav